ये मैं कैसा गुनाह कर बैठा
एक मुसाफिर था प्यार कर बैठा .
मुझको मंजिल तलाशती ही रही
राह में क्यों मैं हार कर बैठा .
बेसबब मेरा दोस्त रोता है
कब से मेरी मजार पर बैठा .
सबने मुझको बड़ी नसीहत दी
फिर भी आँखें मैं चार कर बैठा...........
हम्म ...क्यों कर बैठे? खूबसूरती से लिखे एहसास
जवाब देंहटाएंबेहतरीन!
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