मैं तुमको प्यार करके जी रहा हूँ
तेरे होठों की मदिरा पी रहा हूँ ..
हूँ तो मुफलिस मगर सुना है ये
दौलते दिल का मालिक भी रहा हूँ .. Sent at 9:29 AM on Sunday
ये मेरी नितांत मौलिक रचनाएं हैं ... मेरे ह्रदय की भाषा .. जिन्हें मैं बस यूँ ही कह लेता हूँ ... कोई समझ लेता है ....