रोग कैसा लगा लिया तुमने..
खुद को ही आजमा लिया तुमने...
************************थपकियाँ देलूँ सुला लूँ तुमको
आओ थोडा सा रुला लूँ तुमको
************************तुम गीत बनकर मेरे लबो पर ठहर गए
मैं सो न सका रात के सारे पहर गए
*****************************२२-१२-२०१०
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