बुधवार, 8 दिसंबर 2010

मोहब्बत हो न जाये

मुझे तुमसे मोहब्बत हो न जाये 
सुकून मेरा कहीं पे खो न जाये 

इरादा तो है तुमको चूम लूँ पर 
तुम्हारा गाल जूठा हो न जाये
 
लोरी मां की अधूरी  रह ही गई है 
कहीं वो सुनते सुनते सो न जाए

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