असर यूँ इश्क दिखलाने लगा है.
हाय वो हमसे शर्माने लगा है ..
देखता देर तक अदा अपनी
आईने से वो इतराने लगा है . .
पूछता हाल उसका है मुझसे
ज़माना मारने ताने लगा है ..
ख़त में जो उसको लिखे थे मैंने
गीत महफ़िल में वो गाने लगा है..
यूँ तो घर उसका उस तरफ से है
इसतरफ से वो अब जाने लगा है .. (पहले ही रोक दिया होता तो बिगरता नहीं )
अब वो उतना नहीं.... नहीं..... करता
अब मजा उसको भी आने लगा है ...
हाय वो हमसे शर्माने लगा है..
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