आंसू घसीट लाया हूँ होठों की कोर तक
लम्बा सफ़र है चाँद का चिड़ियों के शोर तक ... ९-१२-2011
लम्बा सफ़र है चाँद का चिड़ियों के शोर तक ... ९-१२-2011
ये मेरी नितांत मौलिक रचनाएं हैं ... मेरे ह्रदय की भाषा .. जिन्हें मैं बस यूँ ही कह लेता हूँ ... कोई समझ लेता है ....