मुझे तुमसे मोहब्बत हो न जाये
सुकून मेरा कहीं पे खो न जाये
इरादा तो है तुमको चूम लूँ पर
तुम्हारा गाल जूठा हो न जाये
लोरी मां की अधूरी रह ही गई है
कहीं वो सुनते सुनते सो न जाए
ये मेरी नितांत मौलिक रचनाएं हैं ... मेरे ह्रदय की भाषा .. जिन्हें मैं बस यूँ ही कह लेता हूँ ... कोई समझ लेता है ....