मंगलवार, 23 फ़रवरी 2010

....मोहब्बत की कहानी .....

बच्चे दादी से मोहब्बत की  कहानी पूंछे
कैसी थी बीते ज़माने में जवानी पूंछे


पिया कि लाश पे सिन्दूर सती जाए
कैसे जौहर करें ये महलों कि रानी, पूंछे


कौन राधा थी कौन मीरा कौन थी रूक्मिण
कौन थी रानी और कौन दीवानी, पूँछे


क्यों तड़पती है दरिया से निकाली मछली
लगाये आग क्यों बरसात का पानी, पूंछे


मौत के बाद भी रूहों का भटकते रहाना
नूर क्यों ताज के चेहरे पे रूहानी, पूंछे


वो जो बक्से पे लिखा है मेरे दादा का नाम
छुपा के राखी भला कौन निशानी पूंछे


लाल चूनर , कमरबंद चन्द ख़त मैले
इनमे ठहरी रही दरिया कि रवानी पूंछे


भींगी आँखों  में जाने  कौन ठहर  कर  गुजरा  
हैं  तो नादान  मगर बात  सायानी  पूंछे

1 टिप्पणी: