मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

इश्क हो जाए

इश्क हो जाए तो कर लेना ,मगर ये याद रहे 
माँ- बाप ने भेजा है तुम्हे पढने   पढ़ाने ..
जलता है कलेजा टीस उठती है दिल में 
वो मुझ को गिनाएं हैं उनके कितने दीवाने ..

ये ज़ुल्फ़ नयन होंठ गोरे गाल काला तिल
क्यों देती है कुदरत किसी को इतने खजाने ..

सोमवार, 14 मार्च 2011

न कीजे ...

सियासत की तरफदारी न कीजे 
अजी ऐसी भी बेगारी न कीजे
बहुत मुश्किल निभाना दुश्मनी है 
किसी अपने से गद्दारी न कीजे 

वो बिटिया है , है दिल उसका भी कोमल 
मुहब्बत में उजरदारी न कीजे   

शहादत सर पटकती दफ्तरों में 
मदद ऐसी भी सरकारी न कीजे 

रविवार, 13 फ़रवरी 2011

मैं तुमको प्यार करके जी रहा हूँ

मैं तुमको प्यार करके जी रहा हूँ 
तेरे होठों की मदिरा पी रहा हूँ ..

हूँ तो मुफलिस मगर सुना है ये
दौलते दिल का मालिक भी रहा हूँ ..
 Sent at 9:29 AM on Sunday

शनिवार, 29 जनवरी 2011

गुरुवार, 20 जनवरी 2011

सियासत मत तलाशो...

गए क़दमों की आहट मत तलाशो 
वसीयत में वरासत  मत तलाशो
ये दिल है .. टूटेगा तो रो पड़ोगे 
मुहब्बत में सियासत मत तलाशो... १४-०१-2011

जीना दुश्वार कर लिया तूने 
ये किसे प्यार कर लिया तूने

मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

हम भी क़त्ल को चुपचाप सहने लगे..

वो मेरे दिल में आके रहने  लगे  
लोग इसको गुनाह कहने लगे .... 

जब हुआ कब्ज़ा किनारे चुप थे 
शोर  बरपा  जो  शहर  बहने   लगे ..

जब से तुमको खुदा बनाया है 
सारे मस्जिद जहाँ के ढहने  लगे .. 

खता कुछ तो है कातिल की मगर
हम भी क़त्ल को चुप सहने लगे..


तब अमावस याद आया मुझको बहुत
चांदनी मैं ये बदन दहने लगे


२८.दिसंबर 2010