शुक्रवार, 9 दिसंबर 2011

आंसू घसीट लाया हूँ होठों की कोर तक
लम्बा सफ़र है चाँद का चिड़ियों के शोर तक ... ९-१२-2011

शनिवार, 3 दिसंबर 2011

कितना  जी  लेता  है  मन  तुझको  ..
 ईश  मिलता  तो  धन्यवाद  देता  उसको