जिन ग़मों को उँगलियाँ पकड़ाई बचपन मे
वो जवान होकर मेरे सीने को रौंदैं हैं
टीस अब तो बह चली नयनों के गोमुख से
दिल में बन तूफ़ान कोई बिजली सा कौंधें है||
वो जवान होकर मेरे सीने को रौंदैं हैं
टीस अब तो बह चली नयनों के गोमुख से
दिल में बन तूफ़ान कोई बिजली सा कौंधें है||
कोई है जो बहुत उदास सा है
लगा ऐसे कि दिल के पास सा है
बेवफा है वो दगाबाज भी है
..
मगर फिर भी मेरे विश्वास सा है||
लगा ऐसे कि दिल के पास सा है
बेवफा है वो दगाबाज भी है
..
मगर फिर भी मेरे विश्वास सा है||
पिघल रहा है मेरा अक्स खो रहा हूँ मैं
अपना चेहरा हथेलियों मैं धो रहा हूँ मैं||
अपना चेहरा हथेलियों मैं धो रहा हूँ मैं||