तुम न मानो मगर ये है तो है
कु छ मेरा तुम पे असर है तो है
मेरी जानिब न देखे है साकी
मेरी सकी पे नज़र है तो है.... १४.१०.११.
मुफलिसी में भी माँ को मिले रोटियां
इसलिए लौटती घर सुबह बेटियां ..१४.१०.
ऐसा तराशा तुमने की बिकना पड़ा मुझे
बे मन ही बाज़ारों में सजना पड़ा मुझे.. १४.१०